संक्षेप में: पेटेंट आवेदन की सरकारी फीस ₹1,600 (व्यक्ति, DPIIT स्टार्टअप, छोटे उद्यम और शैक्षणिक संस्थान) और ₹8,000 (अन्य) है। जाँच के अनुरोध की फीस क्रमशः ₹4,000 और ₹20,000 है। पेटेंट फ़ाइलिंग की तारीख से 20 साल तक मान्य रहता है।
क्या पेटेंट हो सकता है?
आविष्कार नया हो, उसमें आविष्कारी कदम (inventive step) हो, और उसका औद्योगिक उपयोग संभव हो। पेटेंट अधिनियम, 1970 की धारा 3 कुछ चीज़ों को बाहर रखती है — जैसे केवल गणितीय या व्यावसायिक तरीका, "कंप्यूटर प्रोग्राम पर से", और मौजूदा चीज़ की नई खोज मात्र।
प्रोविज़नल या कम्प्लीट आवेदन?
प्रोविज़नल आवेदन से आपको जल्दी प्रायोरिटी डेट मिल जाती है, जब आविष्कार अभी पूरा विकसित न हुआ हो। इसके बाद 12 महीने के भीतर कम्प्लीट स्पेसिफ़िकेशन (क्लेम्स सहित) फ़ाइल करना ज़रूरी है, वरना आवेदन छोड़ा हुआ माना जाता है। आविष्कार तैयार हो तो सीधे कम्प्लीट आवेदन फ़ाइल करें।
सरकारी फीस (ई-फ़ाइलिंग)
व्यक्ति / स्टार्टअप / छोटे उद्यम / शैक्षणिक संस्थान
अन्य
आवेदन (फ़ॉर्म 1, 30 पेज और 10 क्लेम तक)
₹1,600
₹8,000
30 से अधिक हर पेज
₹160
₹800
10 से अधिक हर क्लेम
₹320
₹1,600
जल्दी प्रकाशन (फ़ॉर्म 9)
₹2,500
₹12,500
जाँच का अनुरोध (फ़ॉर्म 18)
₹4,000
₹20,000
त्वरित जाँच (फ़ॉर्म 18A, पात्र आवेदक)
₹8,000
₹60,000
तीसरे साल से हर साल रिन्यूअल फीस लगती है। अपनी पूरी लागत पेटेंट कॉस्ट कैलकुलेटर से निकालें।
आवेदन के बाद क्या होता है?
प्रकाशन: प्रायोरिटी डेट से 18 महीने बाद (या फ़ॉर्म 9 से पहले)।
जाँच का अनुरोध: प्रायोरिटी डेट से 31 महीने के भीतर फ़ॉर्म 18 फ़ाइल करना ज़रूरी है।
पहली जाँच रिपोर्ट (FER): परीक्षक की आपत्तियों का जवाब दें; ज़रूरत हो तो सुनवाई होती है।
ग्रांट: आपत्तियाँ दूर होने पर पेटेंट ग्रांट होता है, जो फ़ाइलिंग की तारीख से 20 साल तक चलता है।
विदेश में पेटेंट करवाना है?
भारत में रहने वाले आविष्कारक को विदेश में पहले आवेदन करने से पहले धारा 39 के तहत अनुमति लेनी होती है, या भारत में आवेदन करके छह हफ़्ते इंतज़ार करना होता है। एक PCT अंतरराष्ट्रीय आवेदन से 159 देशों में विकल्प खुले रहते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
भारत में पेटेंट की सरकारी फीस कितनी है?
आवेदन ₹1,600 और जाँच ₹4,000 (व्यक्ति, स्टार्टअप, छोटे उद्यम, शैक्षणिक संस्थान), यानी कुल ₹5,600 से शुरू। अन्य के लिए ₹8,000 + ₹20,000। अतिरिक्त पेज, क्लेम और रिन्यूअल की फीस अलग है।
पेटेंट कितने साल तक मान्य रहता है?
फ़ाइलिंग की तारीख से 20 साल, बशर्ते तीसरे साल से हर साल रिन्यूअल फीस दी जाए।
क्या सॉफ़्टवेयर का पेटेंट हो सकता है?
"कंप्यूटर प्रोग्राम पर से" पेटेंट योग्य नहीं है, लेकिन अगर सॉफ़्टवेयर किसी तकनीकी समस्या का तकनीकी समाधान देता है या हार्डवेयर के साथ तकनीकी प्रभाव पैदा करता है, तो कुछ मामलों में पेटेंट संभव है।
प्रोविज़नल आवेदन के बाद कितना समय मिलता है?
कम्प्लीट स्पेसिफ़िकेशन फ़ाइल करने के लिए 12 महीने।
क्या Vakil Help Desk पेटेंट ड्राफ़्ट और फ़ाइल कर सकता है?
हाँ — प्रायर-आर्ट सर्च, ड्राफ़्टिंग, फ़ाइलिंग और जाँच रिपोर्ट का जवाब। हम किफ़ायती और उचित प्रोफेशनल फीस पर काम करते हैं और काम शुरू करने से पहले पारदर्शी कोटेशन देते हैं।
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